पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में सीट बंटवारे को लेकर लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से प्रेशर पॉलिटिक्स का दौर शुरू हो चुका है। पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान और जमुई सांसद अरुण भारती ने व्यक्तिगत राय बताकर एलजेपी (आर) के लिए सम्मानजनक सीटों की डिमांड कर दी है।
शुक्रवार को पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में अरुण भारती ने कहा कि बातचीत चल रही है। बातचीत पूरी होने दीजिए, जब एनडीए के पांचो घटक दलों के बीच से आम सहमति बन जाएगी, तब अंतिम फैसला मीडिया वालों को बता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर मेरी व्यक्तिगत राय लेंगे तो मैं यह कहूंगा कि हमारी पार्टी जब से बनी है, जब हमारे संस्थापक हमारे बीच में थे। यानी साल 2000 से 2002 के आसपास हमारी पार्टी बनी थी। तब से आज तक हमारी पार्टी जेडीयू के साथ कभी बिहार विधानसभा चुनाव में साथ नहीं उतरी है।
उन्होंने कहा कि 2015 में हम लोग एनडीए के घटक दल के रूप में लगभग 43 सीटों पर चुनाव लड़े थे। वहीं 2020 में 137 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। ऐसे में मेरी व्यक्तिगत राय है और मेरा मानना है कि एलजेपी आर के लिए अगर कोई सम्मानजनक सीटों का बंटवारा होगा उसमें इन्हीं दोनों सीटों के आंकड़े के बीच में होना चाहिए।
जीतन मांझी की ओर से 40 सीटों की डिमांड करने पर अरुण भारती ने कहा कि अपनी जमीनी पकड़ के हिसाब से, अपनी ताकत के हिसाब से, अपने स्ट्राइक रेट के हिसाब से और जनता में किस नेता की कितनी स्वीकार्यता है इसके हिसाब से आंकलन होना चाहिए। आप लोग हमारे नेता चिराग पासवान के संघर्ष के साथ ही रहे हैं। संघर्ष के दौर में हमारे नेता हर जिले में जाकर नेता के सुख दुख में शामिल थे। आपने उनकी स्वीकार्यता को भी देखा है। हमने सीटों की बात अपने घटकदलों के साथ भी रखा है। जिसकी जितनी संख्या भारी होगी, जिसकी जितनी हिस्सेदारी होगी उसकी उतनी भागीदारी होगी।
शुक्रवार को पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में अरुण भारती ने कहा कि बातचीत चल रही है। बातचीत पूरी होने दीजिए, जब एनडीए के पांचो घटक दलों के बीच से आम सहमति बन जाएगी, तब अंतिम फैसला मीडिया वालों को बता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर मेरी व्यक्तिगत राय लेंगे तो मैं यह कहूंगा कि हमारी पार्टी जब से बनी है, जब हमारे संस्थापक हमारे बीच में थे। यानी साल 2000 से 2002 के आसपास हमारी पार्टी बनी थी। तब से आज तक हमारी पार्टी जेडीयू के साथ कभी बिहार विधानसभा चुनाव में साथ नहीं उतरी है।
NDA में सीटों के बंटवारे को लेकर लोकजनशक्ति पार्टी के सांसद अरुण भारती का बड़ा बयान- हम लोगों ने एनडीए के साथ 43 सीटों पर चुनाव लड़ा था जबकि अकेले 2020 में हमलोगों ने 137 सीटों पर चुनाव लड़ा था। सम्मानजनक सीटों पर अगर बात हो तो इन दोनों आंकड़ों के बीच ही सीटें हो #BiharElection pic.twitter.com/aRkE6q1Pr0
— NBT Bihar (@NBTBihar) August 29, 2025
उन्होंने कहा कि 2015 में हम लोग एनडीए के घटक दल के रूप में लगभग 43 सीटों पर चुनाव लड़े थे। वहीं 2020 में 137 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। ऐसे में मेरी व्यक्तिगत राय है और मेरा मानना है कि एलजेपी आर के लिए अगर कोई सम्मानजनक सीटों का बंटवारा होगा उसमें इन्हीं दोनों सीटों के आंकड़े के बीच में होना चाहिए।
जीतन मांझी की ओर से 40 सीटों की डिमांड करने पर अरुण भारती ने कहा कि अपनी जमीनी पकड़ के हिसाब से, अपनी ताकत के हिसाब से, अपने स्ट्राइक रेट के हिसाब से और जनता में किस नेता की कितनी स्वीकार्यता है इसके हिसाब से आंकलन होना चाहिए। आप लोग हमारे नेता चिराग पासवान के संघर्ष के साथ ही रहे हैं। संघर्ष के दौर में हमारे नेता हर जिले में जाकर नेता के सुख दुख में शामिल थे। आपने उनकी स्वीकार्यता को भी देखा है। हमने सीटों की बात अपने घटकदलों के साथ भी रखा है। जिसकी जितनी संख्या भारी होगी, जिसकी जितनी हिस्सेदारी होगी उसकी उतनी भागीदारी होगी।
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