हाल ही में कांग्रेस द्वारा आयोजित वोटर अधिकार यात्रा के दौरान एक नया विवाद सामने आया है। यात्रा के दौरान पार्टी ने ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ नामक सॉन्ग प्रस्तुत किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वीडियो ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि आम जनता के बीच भी इसे लेकर कड़ी बहस शुरू हो गई है।
कांग्रेस ने इस गीत के माध्यम से जनता को वोट देने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित करने की कोशिश की। पार्टी का कहना है कि यह गीत केवल लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की महत्ता को समझाने के उद्देश्य से बनाया गया है। हालांकि, वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा और संदेश को लेकर कई लोग असहमति जता रहे हैं। कुछ लोगों ने इसे पार्टी विरोधी और भड़काऊ करार दिया है, जबकि समर्थक इसे वोटर जागरूकता का एक तरीका मान रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वीडियो के वायरल होने के बाद विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ यूजर्स ने इसे राजनीतिक मनोरंजन और आंदोलन का हिस्सा बताया है, तो वहीं कुछ ने इसे अनुचित और विभाजनकारी बताया। ट्विटर और फेसबुक पर हज़ारों लोग वीडियो को शेयर कर अपनी राय रख रहे हैं। वीडियो के कमेंट सेक्शन में लोग खुलकर इस पर अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं कि क्या यह गीत सही है या गलत।
विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक दलों द्वारा वोटर जागरूकता को लेकर बनाई गई सामग्री अक्सर विवादों का कारण बनती है। इसके पीछे मुख्य कारण यह होता है कि राजनीतिक संदेशों को अलग-अलग तरीके से समझा और लिया जाता है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि इस प्रकार के गीत या स्लोगन कभी-कभी जनता के बीच भ्रम पैदा कर सकते हैं, इसलिए संदेश की भाषा और प्रस्तुति का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।
वहीं आम जनता के दृष्टिकोण से देखा जाए तो कई लोग इसे केवल राजनीतिक नाटकीयता के रूप में देख रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव और वोटिंग के समय किसी भी पार्टी का यह प्रयास जनता की सोच पर असर डालने की कोशिश है। इसके अलावा, कुछ लोग इसे मनोरंजन का हिस्सा मान कर हल्के में ले रहे हैं, और सोशल मीडिया पर अपने फनी रिएक्शन्स साझा कर रहे हैं।
अभी तक कांग्रेस ने इस वीडियो को लेकर कोई आधिकारिक सफाई जारी नहीं की है। पार्टी का कहना है कि यह गीत लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बनाया गया था और इसे किसी व्यक्ति या पार्टी के खिलाफ इस्तेमाल करने का इरादा नहीं था। लेकिन राजनीतिक विरोधियों ने इसे आक्रामक और विवादास्पद करार दिया है।
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